यह वेबसाइट आपको भारत की कुछ जानी-मानी हस्‍तियों से एक अनूठे अंदाज़ में मिलवायेगी। छपे हुए शब्‍दों के अलावा यहां पेश की गईं हैं, कुछ ऐसी चुनिंदा आडियो और वीडियो क्‍लिप्‍स जिन्‍हें पढ़ते-सुनते-देखते हुए आप इन शख्‍़सीयतों को जीता-जागता महसूस कर सकते हैं। यहां आप इन महान हस्‍तियों के संक्षिप्‍त जीवन-परिचय तो देखेंगे ही इस‌के अलावा यह वेबसाइट आपको तलाश के नायाब तरीक़े मुहैया करायेगी ताकि आप देश के जीवन पर अमिट प्रभाव डालने वाले इन स्‍त्री-पुरुषों के जीवन और कृतित्‍व से भली प्रकार परिचित हो सकें। फ़िलहाल यहां चार भारतीय विभूतियां हैं, जबकि आनेवाले समय में कुछ और ख़ास नाम भी जोड़े जाएंगें।

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लोकप्रिय विडियो

महात्‍मा गांधी
गांधी- प्रार्थना सभा के बाद भाषण

भाइयो और बहनो, आप लोगों को मैं कह तो दिया है कि प्रोफ़ेसर कौशाम्‍बी जी, वो बड़े विद्वान थे और पालि भाषा में तो अग्रगण्‍य थे। वो चले गये आश्रम में। मैं मानता हूं कि आश्रम से उनके बारे में बलवन्‍त सिंह जी जो आश्रम में आज संचालक के मातहत काम कर रहे हैं, उनका ख़त आया है,
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पंडित जवाहरलाल नेहरू
पं. जवाहरलाल नेहरू भारत रत्‍न

भारत को मुक्‍ति दिलाने से लेकर, भारत के अंतरिक्ष युग में प्रवेश करने तक आधुनिक भारत के निर्माण और विकास में लाखों-करोड़ों देशवासियों ने अपने-अपने क्षेत्र में अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान दिया है। किंतु उनमें से कुछ व्‍यक्‍तियों का योगदान असाधारण रहा है।
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श्रीमती इंदिरा गांधी
स्‍वतंत्रता दिवस पर श्रीम‌ती इंदिरा गांधी का भाषण

इंदिरा जी का सम्‍बोधन बहनो और भाइयो ! ‌न सिर्फ़ देहली के, या वो जो मेरे सामने बैठे हैं, लेकिन लाखों-लाखों भारतवासी, जो इनसेट के द्वारा इस समारोह को देख रहे हैं और इस ख़ुशी के दिन हमारे शामिल, हमारे संग शामिल हैं, और साथ ही मैं अपनी आवाज़ वहां भी पहुंचाना चाहती हूं, जो न रेडियो द्वारा, न इनसेट, लेकिन हृदय के द्वारा पहुंचती है
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श्री राजीव गांधी
स्‍वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भाषण-1989

भारतवासियो, मैं आपको आज के स्‍वतंत्रता दिवस के लिये बधाई देना चाहता हूं। कन्‍याकुमारी से लेकर काराकोरम तक, कच्‍छ से लेकर अरुणाचल के पूर्वी कोने तक और जो सब हिंदुस्‍तानी भारत के बाहर दुनिया में हैं, अलग-अलग देशों में, उनको मैं शुभकामनाएं, आज के दिन के लिये देना चाहता हूं। 42 साल हुए भारत आज़ाद हुआ था और यहीं पर इसी लालक़िले पर पंडित जी ने, हमारा तिरंगा झंडा, पहली बार, आज़ाद भारत में लहराया था। आज भी उसी तरह से, जब झंडा लहराया।
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