महात्मा गांधी

हात्‍मगांधकाीवऔरर्शन

कांग्रेसार्यकारिणीसभसदस्योकोहमनगमेचांदीबके़िलेेंखायासरकानेपनदमनकारक़ानून, पुलिऔरेलख़ानतैयारखथेभारतें्रांतिलहफैगयी।ेश्रेमलोगोकोंदोलकेियप्रेरिकियाकरेंगेमरेंगेनाराूंजनलगा।ोगोंेंैसजोबढ़तगया,ैसहीरकारदमकड़ाोतगया।
छहिनकारावाकेादांधीकेंत्रमहादेवेसाईनज़रक़ैदेंचानकेहांहोयाउन्‍होंनआख़ितकपनबापूसेवाी।ंदीगृहएकोनमेअंतिक्रियारतहुगांधजीकहा–येलिदाआज़ादीदिहमेंजल्‍दीिखायेगा।
वायसराकोिखहुएकत्मेगांधजीपूछा आज़ादीमांग्‍यासीुनौतहै, जिसकजवाबांतिमयमझौ‌तेबजाय़ुल्मो-सितसेियजाए।हिंसक्रांति कोमानुषीत्याचारोसेुचलनकीोशिशरनकेियगांधजीसरकाकोोषठहरायागांधजीदलीलें्‍वीकाहोनेकोआशथीअपने्‍यथितकीांतिलियेन्होंनउपवाकरनेनिर्णयिया।

Clip: 3/20
Duration : 2 mins 19 sec

संकेतशब्द: तिथि, अवसर/घटनाएं स्‍थल,राजनैतिक मुद्‍दे,व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं ,सामाजिक मुद्‍दे
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श्रेणी
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जीवनवृत्त (30 | 4 )
तिथि, अवसर/घटनाएं,स्‍थल (43 | 117 )
व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं (82 | 76 )
राजनैतिक मुद्‍दे (40 | 78 )
आर्थिक मुद्‍दे (2 | 6 )
सामाजिक मुद्‍दे (83 | 86 )
विकासपरक मुद्‍दे (3 | 0 )
अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मुद्‍दे (6 | 2 )
उद्ग‍ार (12 | 23 )

महात्मा गांधी

प्‍यार से बापू कहे जाने वाले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने लंदन में एक बैरिस्‍टर के तौर पर अपने जीवन की शुरुआत की। दक्षिण अफ्रीका में हुए रंगभेद के शर्मनाक अनुभवों के बाद वे अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ ब्रिटिश उपनिवेश विरोधी आंदोलन में उतर पड़े और उन्‍होंने सत्‍याग्रह नाम के अहिंसात्‍मक अस्‍त्र से, जो लड़ाई छेड़ी उसके नतीजे चकित कर देने वाले थे। गांधी जी ने करोड़ों हिंदुस्‍तानियों को प्रेरित करके स्‍वाधीनता संग्राम के लिये एकजुट किया। उन्‍होंने भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस को मध्‍यवर्ग की एक सुधारवादी पार्टी से बदलकर एक मज़बूत जन आंदोलनों की पार्टी बनाया। गांधी जी का पक्‍का विश्‍वास था ‌कि आर्थिक आत्‍मनिर्भरता के बिना राजनीतिक स्‍वतंत्रता व्‍यर्थ है। उन्‍होंने द्ररिद्रनायारण यानी ग़रीबों में भी सबसे ग़रीब को अपने सरोकारों का केंद्र बनाया और भारत को छुआछूत के अभिशाप से मुक्‍ति दिलाने के प्रयास किये। विभाजन के बाद एक धर्मांध के हाथों वे शहीद हुए।


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महात्‍मा गांधी का जीवन और दर्शन

जीवन-वृत्त
1869, October 2
Birth of Mohandas Karamchand Gandhi in Kathiawar, Porbandar
1883, October
Married to Kasturbai
1887, October
Passed Matriculation exam from Ahmedabad Centre