महात्मा गांधी

ांधीहात्‍मगांधकाीवऔरर्शन

गांधजीकस्‍तूरबाईस्वदेशनेलिये 18 जुलाई, 1914 कोक्षिअफ्रीक़ामेशालियेोडदियाचाअगस्कोहलमहायुद्धिड़ाछहगस्‍कोांधीलंदनहुंचे।ंग्‍लैंडसंकटकामेहिंदुस्‍तानियोकीांगोकाक़ाज़ारनकीजागांधजीसाम्राज्कोेवअर्पितरके,बाफिघायलोंदेखभालरनवालेकांगठनिया।्‍वास्थ्बिगड़नसे 19 दिसम्‍बरगांधजीस्वदेशप्रस्‍थाकिया, इसशासाकििंदुस्ताऔरंग्‍लैंडरिश्ताायसारीुनियकेलिये, एकरदानजाए।ांधीऔरस्तूरबाईजनवरी, 1915 कोबम्‍बईंदरगाहउतरे, उनकाानदास्वागतुआहिंदुस्‍तामेकाफ़अनुभप्राप्कियेिना,ार्वजनिक्रश्नोपरोईायेनकाांधीने, गोखलजीवचदियाइसकेाददोस्तोऔरिश्‍तेदारोसेिलनेाठियावाडगये।ोगोंउनकाुरज़ोर्‍वागतिया।नतने्रेमउनकोहात्माहकसम्‍बोधिकियागांधजीफ़िनिक्‍केिष्‍योकोांतििकेतमेठहरानेबाद,ैगोरगांधजीलिखाि वेोगदोनोकेाधनामयीवकीजीकड़ीनेंगे।ांधीऔरस्तूरबाईपनफ़िनिक्‍परिवारमिलनशांति निकेतनयेवहांप्रणालकेनुसाउनका्‍वागतियगया।ांतििकेतकेलामयातावरणआनंदितोकगांधजीआशव्यक्‍कीि प्राचीसंस्कृति्वारभारत, पूर्वीपश्‍चिमीाष्‍ट्रोसेैत्रीपूर्णंबंध्‍थापिकरेगा।न्होंनआश्रमवासियोंस्वावलम्बनउपदेदियाशांति निकेतन्रवृत्तियोसेूंजनलगा।तनमे
19रवरीगोखलजीअचानमृत्युख़बरशांति निकेतनोकेंूबया

Clip: 17/19
Duration : 2 mins 57 sec

संकेतशब्द: अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्‍दे,जीवनवृत्त,तिथि, अवसर/घटनाएं स्‍थल,राजनैतिक मुद्‍दे,व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्....
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श्रेणी
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जीवनवृत्त (30 | 4 )
तिथि, अवसर/घटनाएं,स्‍थल (43 | 117 )
व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं (82 | 76 )
राजनैतिक मुद्‍दे (40 | 78 )
आर्थिक मुद्‍दे (2 | 6 )
सामाजिक मुद्‍दे (83 | 86 )
विकासपरक मुद्‍दे (3 | 0 )
अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मुद्‍दे (6 | 2 )
उद्ग‍ार (12 | 23 )

महात्मा गांधी

प्‍यार से बापू कहे जाने वाले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने लंदन में एक बैरिस्‍टर के तौर पर अपने जीवन की शुरुआत की। दक्षिण अफ्रीका में हुए रंगभेद के शर्मनाक अनुभवों के बाद वे अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ ब्रिटिश उपनिवेश विरोधी आंदोलन में उतर पड़े और उन्‍होंने सत्‍याग्रह नाम के अहिंसात्‍मक अस्‍त्र से, जो लड़ाई छेड़ी उसके नतीजे चकित कर देने वाले थे। गांधी जी ने करोड़ों हिंदुस्‍तानियों को प्रेरित करके स्‍वाधीनता संग्राम के लिये एकजुट किया। उन्‍होंने भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस को मध्‍यवर्ग की एक सुधारवादी पार्टी से बदलकर एक मज़बूत जन आंदोलनों की पार्टी बनाया। गांधी जी का पक्‍का विश्‍वास था ‌कि आर्थिक आत्‍मनिर्भरता के बिना राजनीतिक स्‍वतंत्रता व्‍यर्थ है। उन्‍होंने द्ररिद्रनायारण यानी ग़रीबों में भी सबसे ग़रीब को अपने सरोकारों का केंद्र बनाया और भारत को छुआछूत के अभिशाप से मुक्‍ति दिलाने के प्रयास किये। विभाजन के बाद एक धर्मांध के हाथों वे शहीद हुए।


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कलकत्ता कॉर्पोरेशन की ओर से सम्‍मान समारोह में भाषण
प्रार्थना सभा के बाद भाषण (15/47)
महात्‍मा गांधी का जीवन और दर्शन

जीवन-वृत्त
1869, October 2
Birth of Mohandas Karamchand Gandhi in Kathiawar, Porbandar
1883, October
Married to Kasturbai
1887, October
Passed Matriculation exam from Ahmedabad Centre