महात्मा गांधी

ांधीहात्‍मगांधकाीवऔरर्शन

इसदौरावेिंकेुज़ुर्नेताादाभाईौरोजसेहलबामिलेयुवकोहनदासलियेादाभाई्रेरणा-मूर्त्ति बनयेएम.के.ांधीरीक्षाेंफलुए10ून, 1891बैरिस्टरनेविचाएववाणी-स्‍वातंत्र्औरौद्धिक्रवृत्तियोकेयुमेगांधजीतीसाकािलायकािवासनकलियेहत्त्वपूर्सिद्हुआ।ांजुलाकेूफ़ानीमुद्वालेिनैरिस्‍टरोहनदासांधीम्बईहुंचे,गरलौटनकीनकसारी़ुशीहरग़मेबदगयी।्‍यारीां, जिससमिलनकेियवोधीथे, चलसीी।म्बईेंांधीकवि राजचंद्रसम्‍पर्केंयेउन्‍होंनगांधजीमुक्करियऔरनकआध्‍यात्मिमार्गदर्शकनेवकालकरने, अदालतोकानुभवेनऔरिंदुस्तानी़ानूकाभ्याकरनेलियेैरिस्‍टरांधीबम्‍बईदरदालतेंनददरख़्वास्‍दीकाफ़कामिलनसेनिराहोकराजकोचलगये।ोरबंदरएक्‍यापारीैड़ीओरमुक़दमलड़नगांधजीसाकेक़रारनामपरप्रैल, 1893 मेअफ्रीक़ालियेवानाुएएकहीनेसफ़रबाद,डरबनहुंचे।हाकींगभेकीीति सेांधीस्तब्‍रहये, उनकेृदकोघापहुंचाकुली-बैरि‌स्टरहलानवालेांधीकोरबकीदालतेंगड़ीतारनकाुक्‍दियायायेपमानांधीसेर्दाश्हुऔरअदालछोड़करलेयेअख़बारोंउन्‍हेबिबुलायाेहमाकहा।ंगभेकेारउनकोारानपड़ीघोअपमासहनेड़े।िरगोरेमलाख़ोरोके़िलाफ़न्होंनशिकायताख़िनहींी।फ्रीक़केिवासदिनोमेउनकीध्यात्मिभावनतीव्होतीयी, उन्‍होंनविविधर्मोंअध्‍ययकियासंयमपनाया।ॉल्स्‍ाटायपुस्तक, वैकुंठुम्‍हारेृदमेहैढ़करझूउठे।

Clip: 6/19
Duration : 3 mins 31 sec

संकेतशब्द: जीवनवृत्त,तिथि, अवसर/घटनाएं स्‍थल,राजनैतिक मुद्‍दे,व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं ,सामाजिक मुद्‍दे
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श्रेणी
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जीवनवृत्त (30 | 4 )
तिथि, अवसर/घटनाएं,स्‍थल (43 | 117 )
व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं (82 | 76 )
राजनैतिक मुद्‍दे (40 | 78 )
आर्थिक मुद्‍दे (2 | 6 )
सामाजिक मुद्‍दे (83 | 86 )
विकासपरक मुद्‍दे (3 | 0 )
अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मुद्‍दे (6 | 2 )
उद्ग‍ार (12 | 23 )

महात्मा गांधी

प्‍यार से बापू कहे जाने वाले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने लंदन में एक बैरिस्‍टर के तौर पर अपने जीवन की शुरुआत की। दक्षिण अफ्रीका में हुए रंगभेद के शर्मनाक अनुभवों के बाद वे अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ ब्रिटिश उपनिवेश विरोधी आंदोलन में उतर पड़े और उन्‍होंने सत्‍याग्रह नाम के अहिंसात्‍मक अस्‍त्र से, जो लड़ाई छेड़ी उसके नतीजे चकित कर देने वाले थे। गांधी जी ने करोड़ों हिंदुस्‍तानियों को प्रेरित करके स्‍वाधीनता संग्राम के लिये एकजुट किया। उन्‍होंने भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस को मध्‍यवर्ग की एक सुधारवादी पार्टी से बदलकर एक मज़बूत जन आंदोलनों की पार्टी बनाया। गांधी जी का पक्‍का विश्‍वास था ‌कि आर्थिक आत्‍मनिर्भरता के बिना राजनीतिक स्‍वतंत्रता व्‍यर्थ है। उन्‍होंने द्ररिद्रनायारण यानी ग़रीबों में भी सबसे ग़रीब को अपने सरोकारों का केंद्र बनाया और भारत को छुआछूत के अभिशाप से मुक्‍ति दिलाने के प्रयास किये। विभाजन के बाद एक धर्मांध के हाथों वे शहीद हुए।


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महात्‍मा गांधी का जीवन और दर्शन

जीवन-वृत्त
1869, October 2
Birth of Mohandas Karamchand Gandhi in Kathiawar, Porbandar
1883, October
Married to Kasturbai
1887, October
Passed Matriculation exam from Ahmedabad Centre