महात्मा गांधी

ांधी्रार्थनाभाबाभाषण

भाइयो,बहनो
       कलभजचलतेैं, वोसमेंोईसन्‍करनेेंेरहातोहीरहतालेकिमैदेखतहूकिहमेंाहिए, आजभजप्रस्‍तुहैहीोतहैं।तोहैि जबाधकींगतिमकमिजातीतोीछयेरायाै,दूसरहै, औरे मारावोभूजातेैं। मारेासोईैरनहींै,ोईेगानहै, परायआदमीै,हमारआदमीहीहैं।तोहोयाकि िन्‍दूै,िखै,हमैं, वोहमारहैं,ुसलमानैं, वोमारेहीहैं।दोगयचीज़मुझकआतहैमेरेास, वोहीुनरहहैकिभीतुकितनभीीखलेकिमैतोमानतहूकिसीरहअभतोगया।भीेरपातोिद्वानदमजातेैं, वोकहतेैंमैहैराहोातहूकिकैसेसकताै?गरैंच्चाहतहूअकेलतोुझकोौनजबूरसकताै?ोईजबूरहीं,ैंबतदियापकतोसलिएुझकोोईसमेंरेशानीहीहैहापरेशानी,ुझकोच्छाहीलगताै,मैंनतोदियाेकिनसमेंोईरेशानीहीहैपरेशानतोसमेंोगकिहोयाै,सकहममुहरगाेतहैं।मारेांसेहोनााहिएा।हमगावेतोखैहै
     कलभाने, आपने ेखकि हमारकातोगयथा, तबन्होंनयह्रश्उठातथामैंनकहविनयकिभी्‍याठावोगेकुतुम्हारेिखनाै,लिकरदो, तोीछमैउसकावादेूंगातोवातोसकक्याूं, वोच्छाकिजवाबपकसामनदेूं्‍योंकि उसनेकियाै,सनलिखाै,ो ऐसहैि वोकोजाननचाहिए।उन्‍होंनतोहलभीुझकोक-दो-तीऩतिखहोंगे,्‍यातोुझकोताहीहैमैंनतोढ़भीहीहैं।साउसमेकिगरपाकिस्तानहींूटातहैवोदोषिहैतोसकलिहम, वोउसकीत्नीहमोनों़ाकारेंगे,हातकि मरनेफ़ाककरेंगेयेन्होंनलिखातोजो़ततोनकधर्म-पत्नीवो़तुझकोिखहैतोैंढ़या, वोिखतेैं, औऱाकायहींहीं,बाहरसकतेैं, भीतरकोमेराकाथोड़हैि मैकिसीआनदेकतहूं।तोन्दिपड़ाै।भीतरनहींतेैंतोहापड़े-पड़कुफ़ाककरेंगेतोेरपाख़गयतोैंउनकोहूंगऔरबककहूंगाि अगफ़ाककरनातोहलतो़ाकाैंरूं।चीज़ेंास्‍त्उसकाहतहैशास्त्काोईड़भारीअर्थलेवें,ेकिनसकपद्धतिहतहै, उसकाानूनहतहैएकोटबाकहचरखाबहुतोटचीज़लेकिचरखाास्‍त्भीनारखा।तकचरखाास्‍त्नहींनाा,तकमकपतनहींकिरखमेकितनशक्‍तिै।तोेरजैसादमतोदेताकिरखमेशक्‍तितनपड़ीकििन्‍दुस्ताकोआज़ादीिलसकताै,सारीुनियदेतोारदुनियाआज़ादीिलसकताै।

Clip: 1/7
Duration : 3 mins 57 sec

संकेतशब्द: आर्थिक मुद्‍दे,उद्ग‍ार,तिथि, अवसर/घटनाएं स्‍थल,व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं ,सामाजिक मुद्‍दे
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जीवनवृत्त (30 | 4 )
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व्‍यक्‍ति, स्‍थान एवं वस्‍तुएं (82 | 76 )
राजनैतिक मुद्‍दे (40 | 78 )
आर्थिक मुद्‍दे (2 | 6 )
सामाजिक मुद्‍दे (83 | 86 )
विकासपरक मुद्‍दे (3 | 0 )
अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मुद्‍दे (6 | 2 )
उद्ग‍ार (12 | 23 )

महात्मा गांधी

प्‍यार से बापू कहे जाने वाले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने लंदन में एक बैरिस्‍टर के तौर पर अपने जीवन की शुरुआत की। दक्षिण अफ्रीका में हुए रंगभेद के शर्मनाक अनुभवों के बाद वे अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ ब्रिटिश उपनिवेश विरोधी आंदोलन में उतर पड़े और उन्‍होंने सत्‍याग्रह नाम के अहिंसात्‍मक अस्‍त्र से, जो लड़ाई छेड़ी उसके नतीजे चकित कर देने वाले थे। गांधी जी ने करोड़ों हिंदुस्‍तानियों को प्रेरित करके स्‍वाधीनता संग्राम के लिये एकजुट किया। उन्‍होंने भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस को मध्‍यवर्ग की एक सुधारवादी पार्टी से बदलकर एक मज़बूत जन आंदोलनों की पार्टी बनाया। गांधी जी का पक्‍का विश्‍वास था ‌कि आर्थिक आत्‍मनिर्भरता के बिना राजनीतिक स्‍वतंत्रता व्‍यर्थ है। उन्‍होंने द्ररिद्रनायारण यानी ग़रीबों में भी सबसे ग़रीब को अपने सरोकारों का केंद्र बनाया और भारत को छुआछूत के अभिशाप से मुक्‍ति दिलाने के प्रयास किये। विभाजन के बाद एक धर्मांध के हाथों वे शहीद हुए।


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महात्‍मा गांधी का जीवन और दर्शन

जीवन-वृत्त
1869, October 2
Birth of Mohandas Karamchand Gandhi in Kathiawar, Porbandar
1883, October
Married to Kasturbai
1887, October
Passed Matriculation exam from Ahmedabad Centre