श्री राजीव गांधी

40वेस्‍वतंत्रतदिवसराजीगांधकााष1987

राजीगांध
आगरास्ताम्बालेकिकोयेहीकहकतहैि हम40ालेंूरहीआयहैं।नींवमारेिकासइन 40 सामेलगाईयी, उसहम, आजमाराविष्बनानजाहेैंहमेखेंगेि हमारउद्योगेज़ीबढ़ेऔऱ्यादाैलेंहमेखेंगेि जवानोंलिये, रोज़गारीलियेयेौक़ेिलेंज़्यादमौक़मिलें।मेदेखनहैाथेंि उत्‍पादकताढ़े,़ीमतेंटेऔर्‍वालिटीबढ़ाायेंहमारकोशिहोनीकिमज़दूरोंहमारपब्‍लिसेक्टरूनिट्समैनेजमेंमेलाायेंहमेंेखनाकिमारेाइंसटेक्नोलॉजी़ालीिदेशलेकरहीबल्‍किसेास्‍तोपरले, जिससदेका़ायदहो, देके़रीबोंफ़ायदाो,हमारमांगेंैं, ज़रूरतेंैं, उनउनका्‍याजाए।ा‌मेहमेंेखनाकिआगबढ़कदुनियाें, जोामरहहैसकमुक़ाबलारें,गेढ़ें, दुनियारास्तािखायेंलेकिसबसे़रूरहैि हममारा्‍याभटकनदें।मारा्‍याहरक़्त़रीबग़रीब,मज़ोसेमज़ोपरोनहैकृषिें40ालेंेशकिसानोकीैदावारहुबढ़ीै, 15 करोडटनपहुंचुकीलेकिहमेखहेैंि पिछलतीसासे 15 करोडटनकेसपासुकहुहैये़रूरकिसालोमेठीसेारिशहीपड़ीकिसानोकोप्रदेशोंेंारकेहिस्सोमेकठिनाइयोकाामनारनपड़ाेकिनभीमेहमारकिसानोकीैदावारसीक्कीरनहैकिौससेसकफरपड़े, हमेंसीनानीकिाहबारिहो, चाहेहमारकिसानोकीैदावारढ़तीाए, उत्‍पादनढ़तााएक़री70्रतिशतमारीबादीेहातेंहतहैउन 70 प्रतिशमेसे़रीबतनहीोगमारे़रीबग़रीहैऔरभारतखेतोमेअपनीोज़गारपातेैंकईिसानैं, उनसेहुज़्यादखेत-मज़दूरैं, हमेंनकख़ास्‍यादेनाै।गऱरीबहटानहै, ख़त्करनीै,हमारध्यादेहामें,िसानखेतोमेजानाै।
 

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संकेतशब्द: आर्थिक मुद्‍दे,उद्ग‍ार,राजनैतिक मुद्‍दे,विकासपरक मुद्‍दे,सामाजिक मुद्‍दे
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श्री राजीव गांधी

भारत के युवतम प्रधानमंत्री राजीव गांधी को देश आज भी तहेदिल से याद करता है कि उन्‍होंने इक्‍कीसवीं सदी में भारत को पूरे आत्‍मविश्‍वास के साथ ले जाने का स्‍वप्‍न देखा। राजनीति में आने के अनिच्‍छुक राजीव गांधी ने अपना केवल एक कार्यकाल ही प्रधानमंत्री के बतौर गुज़ारा लेकिन देश पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। आर्थिक उदारीकरण की प्रक्रिया उनके ही समय में शुरू हुई थी और उन्‍होंने ही विकास की कई परियोजनाएं आरम्‍भ कीं, जिन्‍हें हम आज नेशनल मिशन्‍स के रूप में जानते हैं। राजीव गांधी ने ज़िम्‍मेदारियों को पूरा करने की भावना को गति दी और लाखों भारतीय युवकों में तकनीक के प्रति उत्‍साह भरा। उनके द्वारा परिकल्‍पित टेलीकॉम मिशन ने भारत में सूचना और संचार-क्रांति की आधारशिला रखी। भारतीय समाज में ‘राजीव युग’ को युगांतरकारी माना जायेगा।


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जीवन-वृत्त
1944, August 20
Birth of Rajiv Gandhi in Mumbai
1945
Rajiv, along with his mother Indira Gandhi, went to Anand Bhavan in Allahabad
1946, December 14
Birth of younger brother Sanjay Gandhi